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वेयर हाउस रसीदो पर अग्रिम
म.प्र. स्टेट वेयर हाउस कार्पोरेशन, राज्य सहकारी विपणन संघ के द्वारा जारी रसीदो पर अग्रिम दिया जावेगा । व बैंक संचालक मण्डल द्वारा अधिकृत निजी वेयर हाउस रसीदो पर भी ऋण दिया जा सकेगा ।
उधारकर्ता इस आशय का एक घोषणा पत्र देगा कि माल का वही मालिक है। और माल सभी प्रकार के प्रभार तथा भार सें मुक्त है।
वेयर हाउस रसीदे बैंक के नाम सें पृष्ठांकित होगी और गोदाम रक्षक उधार कर्ता के माल पर बैंक के लियन की सूचना देगा तथा गोदाम रक्षक बैंक लियन की पुष्टि करेगा ।
माल का समुचित बीमा वेयर हाउस द्वारा कराया जावेगा । यदि वेयर हाउस द्वारा बीमा नही कराया गया है। तो माल का बीमा ऋणी के खाते सें नामे कर बैंक द्वारा कराया जावेगा ।
माल की किस्म को ध्यान में रखते हुये मार्जिन 25 सें 40 प्रतिशत रखा जावेगा।
ऋण की अवधि अधिकतम 12 माह होगी । 12 माह ऋण होने पर खाता पूर्ण बंद करना होगा या पुनः नवीनीकरण कराना होगा ।
माल के भाव कम होने पर ऋणी को मार्जिन की राशि शीद्य्र जमा कराना होगी
माल के भाव कम होने या समयावधि पूर्ण होने पर ऋणी को ब्याज सहित राशि जमा कराना होगी । यदि ऋणी द्वारा राशि जमा नही की जाती है। तो वेयर हाउस में रखे माल का विक्रय सार्वजनिक नीलामी में किया जावेगा । विक्रय सें प्राप्त राशि को ऋण खाते में जमा किया जावेगा व नीलामी में होने वाले समस्त खर्च को नीलामी सें प्राप्त राशि में सें कम किया जावेगा ।
ऋण राशि पूर्ण जमा होने के पश्चात यदि कोई राशि बचती है। तो ऋणी को भुगतान की जावेगी ।
यदि ऋण राशि शेष बचती है तो वसूली की कार्यवाही की जावेगी ।
ऋण की अधिकतम सीमा रिजर्व बैंक की एक्सपोजर लिमिट की सीमा तक होगी
ब्याज दर समय समय पर बैंक संचालक मण्डल द्वारा निर्धारित की जावेगी ।
आवश्यक दस्तावेज जैसे मांग बचन पत्र, निरन्तरता प्रतिभूति पत्र,बंधक करार, लियन एवम समच्चन पत्र, स्वामित्व घोषणा पत्र, वेयर हाउस रसीद आदि ऋणी को बैंक में प्रस्तुत करने होगे ।